इतिहास पाठ्यक्रम एवं विगत वर्षों के प्रश्न (PYQs)

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा (सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-1) दोनों में इतिहास का अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थान है। यद्यपि इसका पाठ्यक्रम अत्यंत विस्तृत होने के कारण अभ्यर्थी प्रायः यह निर्धारित नहीं कर पाते कि कौन-से विषय परीक्षा की दृष्टि से सर्वाधिक प्रासंगिक हैं।

आपकी तैयारी को सुनियोजित दिशा प्रदान करने हेतु यहाँ संपूर्ण सामग्री संकलित की गई है: आयोग द्वारा निर्धारित आधिकारिक पाठ्यक्रम, प्राचीन से लेकर विश्व इतिहास तक का कालक्रमानुसार विवरण, विगत वर्षों की प्रवृत्तियाँ (Trends), तथा प्रामाणिक हल सहित पूर्ववर्ती प्रश्न ताकि आप UPSC की परीक्षा पद्धति को स्पष्ट रूप से समझ सकें।
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UPSC प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम (इतिहास):

  • भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन।

UPSC मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम (इतिहास – सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-1):

  • भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला रूप, साहित्य और वास्तुशिल्प के मुख्य पहलू शामिल होंगे।
  • 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास—महत्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।
  • स्वतंत्रता संग्राम—इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।
  • स्वतंत्रता के पश्चात देश के भीतर एकीकरण और पुनर्गठन।
  • विश्व के इतिहास में 18वीं सदी की घटनाएँ जैसे औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनः सीमांकन, उपनिवेशवाद, विउपनिवेशीकरण, राजनीतिक दर्शन जैसे साम्यवाद, पूंजीवाद, समाजवाद आदि शामिल होंगे—उनके रूप और समाज पर उनका प्रभाव।

UPSC इतिहास प्रवृत्ति विश्लेषण (प्रारंभिक परीक्षा) (2011-2026)

इतिहास प्रारंभिक परीक्षा प्रवृत्ति विश्लेषण (2011-2026)
वर्ष 2011 2012 2013 2014 2015 2016 2017 2018 2019 2020 2021 2022 2023 2024 2025 2026
प्रश्नों की संख्या 12 20 16 19 15 16 13 18 15 17 19 14 13 12 13 16
प्रश्नों की संख्या
12
2011
20
2012
16
2013
19
2014
15
2015
16
2016
13
2017
18
2018
15
2019
17
2020
19
2021
14
2022
13
2023
12
2024
13
2025
16
2026

UPSC इतिहास प्रवृत्ति विश्लेषण (मुख्य परीक्षा) (2013-2025)

इतिहास मुख्य परीक्षा प्रवृत्ति विश्लेषण (2013-2025)
वर्ष 2013 2014 2015 2016 2017 2018 2019 2020 2021 2022 2023 2024 2025
प्रश्नों की संख्या
(अंक)
13
(130)
10
(100)
6
(75)
6
(75)
7
(90)
6
(75)
5
(60)
6
(75)
7
(75)
6
(75)
6
(75)
6
(75)
6
(75)
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इतिहास एवं संस्कृति आरेख

प्राचीन भारतीय इतिहास (20 लाख ई.पू. – 750 ई.)

  • ऐतिहासिक स्रोत
  • प्रागैतिहासिक काल (पाषाण काल) (20 लाख ई.पू. – 1000 ई.पू.)
  • पुरापाषाण काल (20 लाख ई.पू. – 10,000 ई.पू.)
  • मध्यपाषाण काल (10,000 ई.पू. – 6000 ई.पू.)
  • नवपाषाण काल (6000 ई.पू. – 2000 ई.पू.)
  • ताम्रपाषाण काल (3500 ई.पू. – 1000 ई.पू.)
  • सिंधु घाटी सभ्यता (हड़प्पा सभ्यता) (2600 ई.पू. – 1900 ई.पू.)
  • वैदिक काल: पूर्व वैदिक काल (ऋग्वैदिक काल) (1500 ई.पू. – 1000 ई.पू.)
  • वैदिक काल: उत्तर वैदिक काल (1000 ई.पू. – 600 ई.पू.)
  • महाजनपद काल एवं मगध का उत्कर्ष (600 ई.पू. – 321 ई.पू.)
  • जैन धर्म एवं बौद्ध धर्म का उदय (छठी शताब्दी ई.पू. – पाँचवीं शताब्दी ई.पू.)
  • ईरानी (फारसी) एवं यूनानी (सिकंदर) आक्रमण (550 ई.पू. – 326 ई.पू.)
  • मौर्य साम्राज्य (322 ई.पू. – 185 ई.पू.)
  • मौर्योत्तर काल: देशी राजवंश (शुंग, कण्व, सातवाहन, चेदि) (185 ई.पू. – 300 ई.)
  • मौर्योत्तर काल: विदेशी आक्रमणकारी (इंडो-ग्रीक, शक, पहलव, कुषाण) (200 ई.पू. – 250 ई.)
  • दक्षिण भारत में प्रारंभिक संगम काल (चेर, चोल, पांड्य) (300 ई.पू. – 300 ई.)
  • गुप्त साम्राज्य (स्वर्ण युग) (319 ई. – 550 ई.)
  • गुप्तोत्तर काल एवं वर्धन वंश (हर्षवर्धन) (550 ई. – 647 ई.)
  • बादामी के प्रारंभिक चालुक्य एवं कांची के पल्लव (550 ई. – 750 ई.)

मध्यकालीन भारतीय इतिहास

  • पूर्व मध्यकाल एवं त्रिपक्षीय संघर्ष (पाल, प्रतिहार, राष्ट्रकूट) (750 ई. – 1000 ई.)
  • तंजावुर के चोल साम्राज्य (850 ई. – 1279 ई.)
  • सिंध पर अरब आक्रमण (मुहम्मद बिन कासिम) (712 ई.)
  • गज़नवी एवं गोरी के आक्रमण (तराइन के युद्ध) (1000 ई. – 1192 ई.)
  • दिल्ली सल्तनत: ग़ुलाम / मामलुक वंश (1206 ई. – 1290 ई.)
  • दिल्ली सल्तनत: ख़लजी वंश (1290 ई. – 1320 ई.)
  • दिल्ली सल्तनत: तुग़लक़ वंश (1320 ई. – 1414 ई.)
  • दिल्ली सल्तनत: सैय्यद वंश (1414 ई. – 1451 ई.)
  • दिल्ली सल्तनत: लोदी वंश (1451 ई. – 1526 ई.)
  • विजयनगर साम्राज्य (1336 ई. – 1646 ई.)
  • बहमनी राज्य एवं दक्कन सल्तनतें (1347 ई. – 1687 ई.)
  • भक्ति एवं सूफ़ी आंदोलन (8वीं शताब्दी ई. – 17वीं शताब्दी ई.)
  • प्रारंभिक मुग़ल साम्राज्य (बाबर और हुमायूँ) (1526 ई. – 1540 ई.)
  • सूर साम्राज्य (शेरशाह सूरी) (1540 ई. – 1555 ई.)
  • मुग़ल साम्राज्य का चरमोत्कर्ष (अकबर, जहाँगीर, शाहजहाँ, औरंगज़ेब) (1556 ई. – 1707 ई.)
  • मराठों का उत्कर्ष एवं छत्रपति शिवाजी महाराज (1627 ई. – 1680 ई.)
  • पेशवा शासन एवं मराठा परिसंघ (1713 ई. – 1818 ई.)
  • उत्तरवर्ती मुग़ल एवं 18वीं शताब्दी के क्षेत्रीय राज्य (बंगाल, अवध, हैदराबाद, मैसूर, पंजाब) (1707 ई. – 1761 ई.)

आधुनिक भारतीय इतिहास एवं स्वतंत्रता संग्राम

  • यूरोपीय शक्तियों का आगमन (पुर्तगाली, डच, अंग्रेज़, फ्रांसीसी) (1498 ई. – 1740 ई.)
  • आंग्ल-फ्रांसीसी कर्नाटक युद्ध (1746 ई. – 1763 ई.)
  • अंग्रेज़ों द्वारा बंगाल विजय (प्लासी, बक्सर, द्वैध शासन प्रणाली) (1757 ई. – 1772 ई.)
  • ब्रिटिश साम्राज्य विस्तार (आंग्ल-मैसूर, आंग्ल-मराठा, आंग्ल-सिख युद्ध) (1767 ई. – 1849 ई.)
  • ब्रिटिश भू-राजस्व व्यवस्था (स्थायी बंदोबस्त, रैयतवाड़ी, महालवाड़ी) (1793 ई. – 1833 ई.)
  • प्रारंभिक कृषक, नागरिक एवं जनजातीय विद्रोह (1763 ई. – 1856 ई.)
  • 19वीं शताब्दी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन (1815 ई. – 1900 ई.)
  • 1857 का महाविद्रोह एवं ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन की समाप्ति (1857 ई. – 1858 ई.)
  • प्रेस एवं आधुनिक शिक्षा का विकास (1813 ई. – 1944 ई.)
  • प्रारंभिक राष्ट्रवाद का उदय एवं कांग्रेस-पूर्व संस्थाएँ (1866 ई. – 1884 ई.)
  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना एवं उदारवादी चरण (1885 ई. – 1905 ई.)
  • बंगाल विभाजन, स्वदेशी आंदोलन एवं उग्रवाद (गरम दल) का उदय (1905 ई. – 1911 ई.)
  • सूरत विभाजन (1907 ई.) एवं मार्ले-मिंटो सुधार (1909 ई.)
  • प्रथम चरण का क्रांतिकारी आंदोलन (भारत एवं विदेश में) (1907 ई. – 1917 ई.)
  • होम रूल लीग आंदोलन एवं लखनऊ समझौता (1916 ई.)
  • महात्मा गांधी का आगमन एवं प्रारंभिक सत्याग्रह (चंपारण, अहमदाबाद, खेड़ा) (1915 ई. – 1918 ई.)
  • रौलेट एक्ट, जलियांवाला बाग हत्याकांड एवं मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार (1919 ई.)
  • खिलाफत एवं असहयोग आंदोलन (1920 ई. – 1922 ई.)
  • स्वराज पार्टी चरण एवं रचनात्मक कार्य (1922 ई. – 1927 ई.)
  • साइमन कमीशन, नेहरू रिपोर्ट एवं जिन्ना के 14 सूत्र (1927 ई. – 1929 ई.)
  • क्रांतिकारी आंदोलन का दूसरा चरण (HRA, HSRA, चटगांव शस्त्रागार छापा) (1924 ई. – 1934 ई.)
  • लाहौर अधिवेशन (पूर्ण स्वराज) एवं सविनय अवज्ञा आंदोलन (1929 ई. – 1934 ई.)
  • गोलमेज सम्मेलन एवं पूना पैक्ट (1930 ई. – 1932 ई.)
  • भारत शासन अधिनियम 1935 एवं 1937 के प्रांतीय चुनाव (1935 ई. – 1939 ई.)
  • अगस्त प्रस्ताव (1940 ई.) एवं क्रिप्स मिशन (1942 ई.)
  • भारत छोड़ो आंदोलन (1942 ई.)
  • सुभाष चंद्र बोस, आज़ाद हिंद फ़ौज (INA) एवं लाल किला मुक़दमा (1942 ई. – 1946 ई.)
  • कैबिनेट मिशन, प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस एवं अंतरिम सरकार (1946 ई.)
  • माउंटबेटन योजना, भारत का विभाजन एवं भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम (1947 ई.)

स्वतंत्रतोत्तर भारत (आज़ादी के बाद का भारत)

  • विभाजन की विभीषिका एवं शरणार्थियों का पुनर्वास (1947 ई. – 1950 ई.)
  • देशी रियासतों का एकीकरण (सरदार पटेल एवं वी.पी. मेनन की भूमिका) (1947 ई. – 1949 ई.)
  • भारतीय संविधान का निर्माण एवं प्रवर्तन (1950 ई.)
  • प्रथम आम चुनाव (1951 ई. – 1952 ई.)
  • राज्यों का भाषाई पुनर्गठन (फज़ल अली आयोग) (1953 ई. – 1956 ई.)
  • जनजातीय नीतियाँ (पंचशील सिद्धांत) एवं सीमा विवाद समाधान (1950 का दशक – 1960 का दशक)
  • भूमि सुधार, पंचवर्षीय योजनाएँ एवं औद्योगिक नीति (1951 ई. – 1966 ई.)
  • हरित क्रांति एवं श्वेत क्रांति (1965 ई. – 1975 ई.)
  • गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) का विकास एवं विदेश नीति (1954 ई. – 1961 ई.)
  • प्रमुख युद्ध: 1947-48 (पाक), 1962 (चीन), 1965 (पाक), 1971 (बांग्लादेश मुक्ति संग्राम) (1947 ई. – 1971 ई.)
  • पोखरण-I (1974 ई.) एवं पोखरण-II परमाणु परीक्षण (1998 ई.)
  • जेपी आंदोलन, आंतरिक आपातकाल एवं लोकतंत्र की पुनर्स्थापना (1974 ई. – 1977 ई.)
  • क्षेत्रीय समझौते एवं उग्रवाद (पंजाब, असम, पूर्वोत्तर) (1980 का दशक)
  • LPG आर्थिक सुधार (नई आर्थिक नीति) (1991 ई.)

भारतीय कला एवं संस्कृति

  • प्रागैतिहासिक शैल कला एवं गुफा चित्रकला (भीमबेटका) (10,000 ई.पू. – 2000 ई.पू.)
  • हड़प्पा सभ्यता की कला, मुहरें एवं कांस्य मूर्तियाँ (2600 ई.पू. – 1900 ई.पू.)
  • मौर्यकालीन कला एवं अशोक के स्तंभ (300 ई.पू. – 200 ई.पू.)
  • बौद्ध एवं जैन गुफा स्थापत्य (कार्ले, भाजा, अजंता, एलोरा) (200 ई.पू. – 800 ई.)
  • मूर्तिकला की शैलियाँ: गांधार, मथुरा एवं अमरावती शैलियाँ (प्रथम शताब्दी ई.पू. – चौथी शताब्दी ई.)
  • स्तूप स्थापत्य (सांची, भरहुत, अमरावती) (तीसरी शताब्दी ई.पू. – दूसरी शताब्दी ई.)
  • नागर मंदिर स्थापत्य शैली (उत्तर भारतीय, ओडिशा, खजुराहो, सोलंकी/गुजरात) (5वीं शताब्दी ई. – 13वीं शताब्दी ई.)
  • द्रविड़ मंदिर स्थापत्य शैली (पल्लव, चोल, विजयनगर) (6ठी शताब्दी ई. – 16वीं शताब्दी ई.)
  • वेसर मंदिर स्थापत्य शैली (चालुक्य, राष्ट्रकूट, होयसल) (7वीं शताब्दी ई. – 13वीं शताब्दी ई.)
  • सल्तनत कालीन स्थापत्य (मेहराबी/आर्कुएट शैली, कुतुब परिसर) (1206 ई. – 1526 ई.)
  • मुग़ल स्थापत्य कला एवं उद्यान (हुमायूँ का मकबरा, फतेहपुर सीकरी, ताजमहल) (1556 ई. – 1707 ई.)
  • औपनिवेशिक एवं आधुनिक स्थापत्य कला (इंडो-सारैसेनिक, लुटियंस दिल्ली) (1858 ई. – 1947 ई.)
  • लघु चित्रकला परंपराएँ (पाल, मुग़ल, राजस्थानी, पहाड़ी शैलियाँ) (10वीं शताब्दी ई. – 19वीं शताब्दी ई.)
  • शास्त्रीय नृत्य (8 संगीत नाटक अकादमी रूप) एवं प्रमुख लोक नृत्य परंपराएँ (प्राचीन काल से वर्तमान)
  • भारतीय शास्त्रीय संगीत: हिंदुस्तानी एवं कर्नाटक संगीत परंपराएँ (वैदिक काल से वर्तमान)
  • भारतीय दर्शन के छह संप्रदाय (षड्दर्शन) (छठी शताब्दी ई.पू. – चौथी शताब्दी ई.)
  • पारंपरिक रंगमंच, कठपुतली कला एवं यूनेस्को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (प्राचीन काल से वर्तमान)

विश्व इतिहास

  • वैज्ञानिक क्रांति एवं प्रबोधन काल (ज्ञानोदय) (17वीं शताब्दी ई. – 18वीं शताब्दी ई.)
  • अमेरिकी क्रांति एवं स्वतंत्रता की घोषणा (1775 ई. – 1783 ई.)
  • फ्रांसीसी क्रांति एवं राष्ट्रवाद का उदय (1789 ई. – 1799 ई.)
  • नेपोलियन युग, महाद्वीपीय व्यवस्था एवं वाटरलू का युद्ध (1799 ई. – 1815 ई.)
  • औद्योगिक क्रांति (ब्रिटेन से वैश्विक प्रसार) (1750 ई. – 1850 ई.)
  • राजनीतिक विचारधाराओं का उदय (पूंजीवाद, समाजवाद, मार्क्सवाद) (19वीं शताब्दी ई.)
  • इटली का एकीकरण (रिसॉर्जिमेंटो) (1848 ई. – 1870 ई.)
  • जर्मनी का एकीकरण (बिस्मार्क की ‘रक्त एवं लौह’ की नीति) (1864 ई. – 1871 ई.)
  • साम्राज्यवाद एवं अफ्रीका के लिए होड़ (Scramble for Africa) (1884 ई. – 1914 ई.)
  • एशिया में साम्राज्यवाद (अफीम युद्ध, प्रभाव क्षेत्र, मेइजी पुनर्स्थापना) (1839 ई. – 1905 ई.)
  • प्रथम विश्व युद्ध (कारण, घटनाक्रम एवं वैश्विक प्रभाव) (1914 ई. – 1918 ई.)
  • वर्साय की संधि एवं राष्ट्र संघ (League of Nations) (1919 ई. – 1920 ई.)
  • रूसी क्रांति एवं सोवियत संघ (USSR) का गठन (1917 ई. – 1922 ई.)
  • महान आर्थिक मंदी (The Great Depression) (1929 ई. – 1939 ई.)
  • इटली में फासीवाद एवं जर्मनी में नाज़ीवाद का उदय (1922 ई. – 1939 ई.)
  • द्वितीय विश्व युद्ध एवं होलोकॉस्ट (नरसंहार) (1939 ई. – 1945 ई.)
  • संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) की स्थापना (1945 ई.)
  • द्वितीय विश्व युद्धोपरांत एशिया एवं अफ्रीका में विउपनिवेशीकरण (1945 ई. – 1975 ई.)
  • शीत युद्ध के प्रमुख संकट (बर्लिन, कोरिया, क्यूबा, वियतनाम, अफगानिस्तान) (1947 ई. – 1989 ई.)
  • बर्लिन की दीवार का गिरना (1989 ई.) एवं सोवियत संघ का विघटन (1991 ई.)

UPSC प्रारंभिक परीक्षा के विगत वर्षों के कुछ प्रश्न (इतिहास)

प्र.1. भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के संदर्भ में उषा मेहता की ख्याति (2011)
  • a) भारत छोड़ो आंदोलन की वेला में गुप्त कांग्रेस रेडियो चलाने हेतु है
  • b) द्वितीय गोल मेज सम्मेलन में सहभागिता हेतु है
  • c) आजाद हिंद फौज की एक टुकड़ी का नेतृत्व करने हेतु है
  • d) पंडित जवाहरलाल नेहरू की अंतरिम सरकार के गठन में सहायक भूमिका निभाने हेतु है
उत्तर देखें / छिपाएं
सही उत्तर: (a)
व्याख्या: भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के दौरान उषा मेहता ने बॉम्बे के गुप्त स्थानों से ब्रिटिश सेंसरशिप से बचते हुए भूमिगत ‘सीक्रेट कांग्रेस रेडियो’ का प्रसारण संचालित किया था।
प्र.2. रैयतवारी बन्दोबस्त के सन्दर्भ में, निम्नलिखित ‘कथनों पर विचार ‘कीजिए: (2012)
  • 1. किसानों द्वारा लगान सीधे सरकार को दिया जाता था।
  • 2. सरकार रैयत को पट्टे देती थी।
  • 3. कर लगाने के पूर्व भूमि का सर्वेक्षण और मूल्य-निर्धाण किया जाता था।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

  • a) केवल 1
  • b) केवल 1 और 2
  • c) 1, 2 और 3
  • d) कोई भी नहीं
उत्तर देखें / छिपाएं
सही उत्तर: (c) 1, 2 और 3
व्याख्या: थॉमस मुनरो एवं अलेक्जेंडर रीड द्वारा प्रवर्तित रैयतवाड़ी व्यवस्था में किसानों (रैयतों) को भूमि का स्वामी मानकर पट्टा दिया गया तथा बिना किसी मध्यस्थ के सीधे राजस्व वसूला जाता था। कर निर्धारण से पूर्व भूमि का व्यवस्थित सर्वेक्षण किया जाता था।
प्र.3. निम्नलिखित भक्ति सन्तों पर विचार कीजिए: (2013)
  • 1. दादू दयाल
  • 2. गुरु नानक
  • 3. त्यागराज

इनमें से कौन उस समय उपदेश देता था/देते थे जब लोदी वंश का पतन हुआ तथा बाबर सत्तारूढ़ हुआ?

  • a) 1 और 3
  • b) केवल 2
  • c) 2 और 3
  • d) 1 और 2
उत्तर देखें / छिपाएं
सही उत्तर: (b) केवल 2
व्याख्या: पानीपत का प्रथम युद्ध 1526 ई. में हुआ था जिसमें बाबर ने इब्राहिम लोदी को पराजित किया। गुरु नानक देव जी का जीवनकाल 1469 से 1539 ई. तक था। दादू दयाल का जन्म 1544 ई. में हुआ तथा त्यागराज का काल (1767–1847 ई.) था।
प्र.4. 1905 में लॉर्ड कर्ज़न द्वारा किया गया बंगाल का विभाजन कब तक बना रहा? (2014)
  • a) प्रथम विश्वयुद्ध तक, जिसमें अंग्रेजों को भारतीय सैनिकों की आवश्यकता पड़ी और विभाजन समाप्त किया गया
  • b) सम्राट जॉर्ज पंचम द्वारा दिल्ली में 1911 के शाही दरबार में कर्ज़न के अधिनियम को निराकृत किये जाने तक
  • c) महात्मा गाँधी द्वारा अपना सविनय अवज्ञा आन्दोलन आरम्भ करने तक
  • d) भारत के 1947 में हुए विभाजन तक, जब पूर्वी बंगाल, पूर्वी पाकिस्तान बन गया
उत्तर देखें / छिपाएं
सही उत्तर: (b)
व्याख्या: लॉर्ड कर्जन ने 1905 में बंगाल का विभाजन किया था। दिसंबर 1911 में ब्रिटिश सम्राट जॉर्ज पंचम के दिल्ली दरबार में इस विभाजन को विधिवत रद्द कर दिया गया तथा राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा की गई।
प्र.5. इनमें से किसने अप्रैल 1930 में नमक कानून तोड़ने के लिए तंजौर तट पर एक अभियान संगठित किया था? (2015)
  • a) वी० ओ० चिदम्बरम पिल्लै
  • b) सी० राजगोपालाचारी
  • c) के० कामराज
  • d) ऐनी बेसेंट
उत्तर देखें / छिपाएं
सही उत्तर: (b) सी. राजगोपालाचारी
व्याख्या: सविनय अवज्ञा आंदोलन के अंतर्गत अप्रैल 1930 में सी. राजगोपालाचारी ने मद्रास प्रेसीडेंसी में तिरुचिरापल्ली से तंजौर तट पर स्थित वेदारण्यम तक नमक मार्च का नेतृत्व किया था।
प्र.6. भारतीय इतिहास के मध्यकाल में बंजारे सामान्यतः कौन थे? (2016)
  • a) कृषक
  • b) योद्धा
  • c) बुनकर
  • d) व्यापारी
उत्तर देखें / छिपाएं
सही उत्तर: (d) व्यापारी
व्याख्या: मध्यकाल में बंजारे प्रमुख घुमंतू व्यापारी एवं मालवाहक थे। अलाउद्दीन ख़लजी ने नगर के बाजारों तक खाद्यान्नों के परिवहन हेतु बंजारों का व्यापक उपयोग किया था।
प्र.7. 1927 की बटलर कमेटी का उद्देश्य था (2017)
  • a) केन्द्रीय एवं प्रांतीय सरकारों की अधिकारिता निश्चित करना।
  • b) भारत के सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट की शक्तियाँ निश्चित करना।
  • c) राष्ट्रवादी प्रेस पर सेंसर-व्यवस्था अधिरोपित करना।
  • d) भारत सरकार एवं देशी रियासतों के बीच सम्बन्ध सुधारना।
उत्तर देखें / छिपाएं
सही उत्तर: (d)
व्याख्या: हरकोर्ट बटलर समिति (1927) का गठन ब्रिटिश क्राउन (परम सत्ता) एवं भारतीय देशी रियासतों के शासकों के मध्य संवैधानिक एवं राजनीतिक संबंधों की जांच तथा उन्हें बेहतर बनाने हेतु किया गया था।
प्र.8. निम्नलिखित विदेशी यात्रियों में से किसने भारत के हीरों और हीरे की खदानों की विस्तृत रूप से चर्चा की? (2018)
  • a) फ्रांस्वा बर्नियर
  • b) ज्याँ-बैप्टिस्ट टेवर्नियर
  • c) ज्याँ द थेवेनो
  • d) एबे बार्थेलेमी कारे
उत्तर देखें / छिपाएं
सही उत्तर: (b) ज्यां-बैप्टिस्ट टैवर्नियर
व्याख्या: 17वीं शताब्दी का फ्रांसीसी जौहरी और यात्री ज्यां-बैप्टिस्ट टैवर्नियर छह बार भारत आया था। उसने गोलकुंडा सहित भारत की प्रमुख हीरा खदानों और रत्नों का अत्यंत प्रामाणिक व विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
प्र.9. निम्नलिखित में से कौन-सा एक हड़प्पा स्थल नहीं है? (2019)
  • a) चन्हुदड़ो
  • b) कोट दीजी
  • c) सोहगौरा
  • d) देसलपुर
उत्तर देखें / छिपाएं
सही उत्तर: (c) सोहगौरा
व्याख्या: सोहगौरा (गोरखपुर, उत्तर प्रदेश) मौर्यकालीन स्थल है जहाँ से दुर्भिक्ष (अकाल) राहत से संबंधित प्रसिद्ध ताम्रपत्र अभिलेख प्राप्त हुआ है। चन्हुदड़ो, कोट दीजी और देसलपुर हड़प्पा कालीन पुरास्थल हैं।
प्र.10. भारत के इतिहास के संदर्भ में, “ऊलगुलान” अथवा महान उपद्रव निम्नलिखित में से किस घटना का विवरण था? (2020)
  • a) 1857 के विद्रोह का
  • b) 1921 के मापिला विद्रोह का
  • c) 1859-60 के नील विद्रोह का
  • d) 1899-1900 के बिरसा मुंडा विद्रोह का
उत्तर देखें / छिपाएं
सही उत्तर: (d) 1899-1900 के बिरसा मुंडा विद्रोह का
व्याख्या: छोटानागपुर क्षेत्र में 1899–1900 के दौरान भगवान बिरसा मुंडा के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक मुंडा विद्रोह को जनजातीय इतिहास व स्मृति में ‘उलगुलान’ (महाविद्रोह / महान उपद्रव) कहा जाता है।
प्र.11. इनमें से कौन सेक्रेटरी के रूप में हिन्दू फीमेल स्कूल से संबद्ध थे/थीं, जो बाद में बेथ्यून फीमेल स्कूल के नाम से जाना जाने लगा? (2021)
  • a) एनी बेसेंट
  • b) देवेन्द्रनाथ टैगोर
  • c) ईश्वरचंद्र विद्यासागर
  • d) सरोजिनी नायडू
उत्तर देखें / छिपाएं
सही उत्तर: (c) ईश्वरचंद्र विद्यासागर
व्याख्या: 1849 में जे.ई.डी. बेथ्यून द्वारा कलकत्ता में स्थापित ‘हिंदू फीमेल स्कूल’ (बेथ्यून स्कूल) के सचिव पद पर प्रसिद्ध समाज सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने कार्य किया तथा स्त्री शिक्षा को व्यापक प्रोत्साहन दिया।
प्र.12. निम्नलिखित स्वतन्त्रता सेनानियों पर विचार कीजिए: (2022)
  • 1. बारीन्द्र कुमार घोष
  • 2. जोगेश चन्द्र चटर्जी
  • 3. रास बिहारी बोस

उपर्युक्त में से कौन ग़दर पार्टी के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा था/जुड़े थे?

  • a) केवल 1 और 2
  • b) केवल 2
  • c) केवल 1 और 3
  • d) केवल 3
उत्तर देखें / छिपाएं
सही उत्तर: (d) केवल 3
व्याख्या: रास बिहारी बोस 1915 की गदर क्रांति योजना के भारत में प्रमुख सूत्रधार एवं समन्वयक थे। बारीन्द्र कुमार घोष युगांतर/अनुशीलन समिति से तथा जोगेश चंद्र चटर्जी HRA के सह-संस्थापक थे।
प्र.13. मध्यकालीन गुजरात के इनमें से किस एक शासक ने दियु को पुर्तगालियों के सुपुर्द कर दिया? (2023)
  • a) अहमद शाह
  • b) महमूद बेगढ़ा
  • c) बहादुर शाह
  • d) मुहम्मद शाह
उत्तर देखें / छिपाएं
सही उत्तर: (c) बहादुर शाह
व्याख्या: मुग़ल शासक हुमायूँ के आक्रमण से भयभीत होकर गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह ने 1534 में बेसिन की संधि के तहत पुर्तगालियों को बेसिन और दीव क्षेत्र सौंप दिए थे।
प्र.14. संघभूति, एक भारतीय बौद्ध भिक्षु, जिन्होंने चौथी शताब्दी ईसवी के अंत में चीन की यात्रा की, निम्नलिखित में से किस पर भाष्य के लेखक थे? (2024)
  • a) प्रज्ञापारामिता सूत्र
  • b) विसुद्धिमग्गो
  • c) सर्वास्तिवाद विनय
  • d) ललितविस्तर
उत्तर देखें / छिपाएं
सही उत्तर: (c) सर्वास्तिवाद विनय
व्याख्या: संघभूति लगभग 381 ई. में उत्तर भारत से चांगआन (चीन) पहुँचे थे और उन्होंने ‘सर्वास्तिवाद विनय’ पर एक प्रामाणिक भाष्य की रचना की थी।
प्र.15. राजा राममोहन राय के बारे में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (2025)
  • I. उनमें प्राच्य विश्व के पारम्परिक दार्शनिक सिद्धांतों के प्रति अत्यंत अनुराग और समादर था।
  • II. उनकी कामना थी कि उनके देशवासी तर्कसंगत और वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा सभी पुरुषों और महिलाओं की मानवीय गरिमा और सामाजिक समता के सिद्धांत को मानें।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

  • a) केवल I
  • b) केवल II
  • c) I और II दोनों
  • d) न तो I और न ही II
उत्तर देखें / छिपाएं
सही उत्तर: (c) I और II दोनों
व्याख्या: राजा राममोहन राय ने वेदांत और उपनिषदों के मूल दार्शनिक चिंतन का आदर करते हुए उसे पाश्चात्य तर्कवाद एवं आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टि के साथ समन्वित किया तथा लैंगिक समानता व सामाजिक न्याय का समर्थन किया।
प्र.16. निम्नलिखित अभिकथन पर विचार कीजिए: (2026)

“समुदाय पर आधारित राजनैतिक गठबंधनों की उत्पत्ति, 1919 के मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधारों के मूल स्वरूप में निहित थी।”

निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन, उपर्युक्त अभिकथन का समर्थन करता है/करते हैं?

  • 1. 1. इन सुधारों ने पृथक निर्वाचक मंडलों के सिद्धांत को बनाए रखा और विस्तृत किया।
  • 2. पृथक निर्वाचक मंडलों का उद्देश्य सशक्त होते भारतीय राष्ट्रवाद का प्रतिरोध करना था।
  • 3. वंचित वर्ग पृथक निर्वाचक मंडलों में अंतर्निहित हितों के लिए एकजुट हुए।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:

  • a) केवल 1
  • b) केवल 2 और 3
  • c) केवल 1 और 2
  • d) 1, 2 और 3
उत्तर देखें / छिपाएं
सही उत्तर: (d) 1, 2 और 3
व्याख्या: 1919 के भारत सरकार अधिनियम ने पृथक निर्वाचन पद्धति का विस्तार करते हुए इसे सिखों, भारतीय ईसाइयों, एंग्लो-इंडियन और यूरोपीय लोगों पर भी लागू किया, जिससे भारतीय प्रतिनिधित्व व्यवस्था में सांप्रदायिक एवं वर्गगत विभाजनों को संस्थागत प्रोत्साहन मिला।

UPSC मुख्य परीक्षा के विगत वर्षों के कुछ प्रश्न (इतिहास)

2013 | 10 अंक (200 शब्द)

प्र.1. “अनेक प्रकार से लॉर्ड डलहौज़ी ने आधुनिक भारत की नींव रखी थी।” व्याख्या कीजिए।

2014 | 10 अंक (150 शब्द)

प्र.2. पानीपत का तीसरा युद्ध 1761 में लड़ा गया था। क्या कारण हैं कि इतनी अधिक साम्राज्य-प्रकंपी लड़ाइयाँ पानीपत में लड़ी गई थीं?

2015 | 12.5 अंक (200 शब्द)

प्र.3. भारत की मध्यपाषाण शिला-कला न केवल उस काल के सांस्कृतिक जीवन को, बल्कि आधुनिक चित्र-कला से तुलनीय परिष्कृत सौंदर्य-बोध को भी, प्रतिबिंबित करती है।’ इस टिप्पणी का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिये।

2016 | 12.5 अंक (200 शब्द)

प्र.4. स्वतंत्रता के लिए संघर्ष में सुभाषचन्द्र बोस एवं महात्मा गाँधी के मध्य दृष्टिकोण की भिन्नताओं पर प्रकाश डालिए।

2017 | 10 अंक (150 शब्द)

प्र.5. क्या कारण था कि उन्नीसवीं शताब्दी के अंत तक आते-आते ‘नरमदलीय’ अपनी घोषित विचारधारा एवं राजनीतिक लक्ष्यों के प्रति राष्ट्र के विश्वास को जगाने में असफल हो गए थे?

2018 | 10 अंक (150 शब्द)

प्र.6. भारतीय कला विरासत का संरक्षण वर्तमान समय की आवश्यकता है। चर्चा कीजिए।

2019 | 10 अंक (150 शब्द)

प्र.7. उन्नीसवीं शताब्दी के ‘भारतीय पुनर्जागरण’ और राष्ट्रीय पहचान के उद्भव के मध्य सहलग्नताओं का परीक्षण कीजिए।

2020 | 10 अंक (150 शब्द)

प्र.8. भारत में बौद्ध धर्म के इतिहास में पाल काल अति महत्त्वपूर्ण चरण है। विश्लेषण कीजिए।

2021 | 15 अंक (250 शब्द)

प्र.9. असहयोग आन्दोलन एवं सविनय अवज्ञा आन्दोलन के दौरान महात्मा गाँधी के रचनात्मक कार्यक्रमों को स्पष्ट कीजिए।

2022 | 15 अंक (250 शब्द)

प्र.10. भारतीय परम्परा और संस्कृति में गुप्त-काल और चोल-काल के योगदान पर चर्चा करें।

2023 | 10 अंक (150 शब्द)

प्र.11. महात्मा गाँधी और रवीन्द्रनाथ टैगोर में शिक्षा और राष्ट्रवाद के प्रति सोच में क्या अंतर था?

2024 | 10 अंक (150 शब्द)

प्र.12. वे कौन-सी घटनाएँ थीं जिनके कारण भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ? इसके परिणामों को स्पष्ट कीजिए।

2025 | 15 अंक (250 शब्द)

प्र.13. समकालीन विश्व के लिए फ्रांसीसी क्रान्ति की निरंतर प्रासंगिकता है। स्पष्ट कीजिए।

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