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यह अध्याय “यूरोप में समाजवाद एवं रूसी क्रांति” यूरोप में समाजवादी विचारों के उदय और रूस के एक निरंकुश राजतंत्र से दुनिया के पहले समाजवादी राज्य में बदलने की नाटकीय कहानी को दर्शाता है।
फ्रांसीसी क्रांति ने समाज में नाटकीय बदलाव की संभावनाओं के द्वार खोल दिए, जिससे यूरोप में तीन अलग-अलग राजनीतिक दृष्टिकोण उभरे:
19वीं शताब्दी के मध्य तक समाजवाद एक प्रसिद्ध विचारधारा बन चुकी थी, जिसकी मुख्य विशेषता निजी संपत्ति का विरोध था।
1914 में ज़ार निकोलस II रूस और उसके विशाल साम्राज्य पर शासन कर रहा था, जिसमें आधुनिक फिनलैंड, लातविया, लिथुआनिया, एस्टोनिया और पोलैंड, यूक्रेन व बेलारूस के हिस्से शामिल थे।
1914 से पहले रूस में सभी राजनीतिक दल अवैध थे।
रूस एक निरंकुश शासन (Autocracy) था जहाँ ज़ार संसद के अधीन नहीं था।
1914 में युद्ध शुरू हुआ। रूस में शुरुआत में युद्ध को बहुत जन-समर्थन मिला, लेकिन जल्द ही परिस्थितियाँ बदल गईं।
महत्वपूर्ण शब्द:
लेनिन का अनुशासित बहुमत वाला गुट जिसने एक केंद्रीकृत क्रांतिकारी पार्टी की वकालत की।
1905 में विंटर पैलेस में शांतिपूर्ण मज़दूरों का नरसंहार, जिससे देशव्यापी हड़तालें शुरू हुईं।
सामूहिक फार्म जहाँ स्टालिन के शासन में किसानों को ज़मीन और श्रम साझा करने के लिए मजबूर किया गया था।
अधीनस्थ न्यायालयों को ‘अधीनस्थ’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय के प्रशासनिक और न्यायिक अधीक्षण (Superintendence) के अधीन कार्य करते हैं। इनका उल्लेख संविधान के भाग VI के अध्याय VI में किया गया है।
यह अनुच्छेद इस अध्याय में उपयोग किए गए शब्दों की कानूनी परिभाषा प्रदान करता है:
📊 त्वरित पुनरीक्षण के लिए सारांश तालिका
| अनुच्छेद | मुख्य विषय | शामिल प्राधिकारी |
| 233 | जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति | राज्यपाल + उच्च न्यायालय |
| 234 | निचली न्यायपालिका की भर्ती | राज्यपाल + SPSC + उच्च न्यायालय |
| 235 | अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण | उच्च न्यायालय में निहित |
| 236 | परिभाषाएँ | “जिला न्यायाधीश” और “सेवा” की व्याख्या |
| 237 | मजिस्ट्रेटों पर लागू होना | राज्यपाल की लोक अधिसूचना |
💡 परीक्षा के लिए टिप:
UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण उच्च न्यायालय के पास होता है, जबकि न्यायाधीशों की नियुक्ति का औपचारिक आदेश राज्यपाल जारी करता है। अनुच्छेद 235 उच्च न्यायालय की स्वतंत्रता और निचले स्तर पर न्यायिक निष्पक्षता सुनिश्चित करने का आधार है।
पिछली नियुक्तियों और निर्णयों को मान्य करने के लिए एक “सेविंग क्लॉज” के रूप में कार्य करता है जो तकनीकी कारणों से बाधित हो सकते थे।
राज्यपाल निर्देश दे सकते हैं कि इस अध्याय के प्रावधान राज्य के किसी भी श्रेणी के मजिस्ट्रेट पर लागू हों।
न्यायिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए उच्च न्यायालय न्यायिक और प्रशासनिक दोनों तरह का अधीक्षण बनाए रखता है।
यहाँ ‘द हिंदू‘ (The Hindu) संपादकीय का विस्तृत विश्लेषण (11 फ़रवरी, 2026) हिंदी में दिया गया है, जिसे UPSC पाठ्यक्रम के अनुसार वर्गीकृत किया गया है:
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी; आईटी और कंप्यूटर; अर्थव्यवस्था) और सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 (शासन)।
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 (संसद और राज्य विधायिका—संरचना, कार्यप्रणाली, कार्य संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार)।
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 (भारतीय अर्थव्यवस्था; संसाधनों का संग्रहण; विकास और वृद्धि) और सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 (द्विपक्षीय संबंध)।
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 (आंतरिक सुरक्षा; सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियां) और सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 (शासन)।
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी; अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी)।
डेटा केंद्रों की बिजली की ज़रूरतें अब छोटे देशों के बराबर। संज्ञानात्मक रोजगार विस्थापन के प्रबंधन के लिए अग्रिम शासन पर ध्यान।
अमेरिका-बांग्लादेश परिधान समझौता भारतीय निर्यात को कम कर रहा है। भारतीय कपास और यार्न बाजारों पर 18% टैरिफ के दबाव से क्षेत्र संकट में।
WDR ने -253°C पर क्रायो-लीक की पहचान की। महत्वपूर्ण “फेल सेफ” प्रोटोकॉल जहाँ 40% लॉन्च विफलता को पहले ही रोका जाता है।
यहाँ पृथ्वी की वैश्विक संचार प्रणालियों—नदियों और झीलों—पर केंद्रित विस्तृत मानचित्र अभ्यास (Mapping Practice) विवरण हिंदी में दिया गया है। ये आपकी UPSC और राज्य PCS परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं, जलवायु विनियमन और सभ्यताओं का आधार बनते हैं।
नदियों को अक्सर उनकी लंबाई, जल विसर्जन आयतन (Discharge volume), या सामरिक सीमा-पारीय (Transboundary) महत्व के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।
| महाद्वीप | नदी | लंबाई (लगभग) | महत्व |
| अफ्रीका | नील (Nile) | 6,650 किमी | दुनिया की सबसे लंबी नदी; उत्तर की ओर भूमध्य सागर में गिरती है। |
| दक्षिण अमेरिका | अमेज़न (Amazon) | 6,400 किमी | जल विसर्जन आयतन के आधार पर सबसे बड़ी; सबसे बड़े वर्षावन से गुजरती है। |
| एशिया | यांग्त्ज़ी (Yangtze) | 6,300 किमी | एशिया की सबसे लंबी नदी; पूरी तरह से चीन के भीतर बहती है। |
| उत्तरी अमेरिका | मिसिसिपी (Mississippi) | 6,275 किमी | मैक्सिको की खाड़ी में “पक्षी के पंजे” (Bird-foot) जैसा डेल्टा बनाती है। |
| यूरोप | वोल्गा (Volga) | 3,530 किमी | यूरोप की सबसे लंबी नदी; स्थल-रद्ध कैस्पियन सागर में गिरती है। |
| ऑस्ट्रेलिया | मरे-डार्लिंग | 3,672 किमी | ऑस्ट्रेलियाई महाद्वीप की प्राथमिक नदी प्रणाली। |
झीलें पृथ्वी के स्वास्थ्य के “थर्मामीटर” की तरह हैं। 2026 की परीक्षाओं के लिए क्षेत्रफल, आयतन और लवणता के बीच अंतर पर ध्यान दें।
🌍 मानचित्रण सारांश चेकलिस्ट (Summary Checklist)
| रिकॉर्ड | नाम | स्थान |
| सबसे लंबी नदी | नील (Nile) | अफ्रीका |
| सबसे बड़ी झील (क्षेत्रफल) | कैस्पियन सागर | यूरेशिया |
| सबसे गहरी झील | बैकाल झील | रूस |
| भूमध्य रेखा को दो बार काटने वाली | कांगो नदी | अफ्रीका |
| सबसे निचली झील | मृत सागर | पश्चिम एशिया |
💡 मैपिंग टिप:
मानचित्र पर अफ्रीका की महान भ्रंश घाटी (Great Rift Valley) की झीलों (जैसे तांगानिका, मलावी, एडवर्ड) को उत्तर-से-दक्षिण क्रम में देखें। साथ ही, उत्तरी अमेरिका की महान झीलों (HOMES: Huron, Ontario, Michigan, Erie, Superior) के पश्चिम-से-पूर्व क्रम को भी याद रखें।
कैस्पियन सागर सबसे बड़ा स्थलवरुद्ध जलाशय बना हुआ है। सुपीरियर झील क्षेत्रफल के आधार पर ताजे पानी की अग्रणी झील है, जबकि विक्टोरिया झील सफेद नील के उष्णकटिबंधीय स्रोत के रूप में कार्य करती है।
बैकाल झील (रूस) सबसे गहरी और प्राचीनतम है, जिसमें वैश्विक गैर-हिमित ताजे पानी का 20% हिस्सा है। मृत सागर पृथ्वी का सबसे निचला बिंदु और उच्चतम लवणता को चिह्नित करता है।
पेरू-बोलीविया सीमा पर स्थित, टिटिकाका झील दुनिया की सबसे ऊँची नौगम्य झील है, जबकि तांगानिका सबसे लंबी मीठे पानी की झील है।
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यह अध्याय “फ्रांसीसी क्रांति” 1789 में शुरू हुई उन परिवर्तनकारी घटनाओं का विवरण देता है, जिनके कारण फ्रांस में निरंकुश राजतंत्र का अंत हुआ और लोकतांत्रिक आदर्शों का उदय हुआ।
क्रांति की शुरुआत 14 जुलाई 1789 को पेरिस में बास्तील (Bastille) के किले-जेल पर हमले के साथ हुई। यह किला राजा की निरंकुश शक्तियों का प्रतीक था।
फ्रांसीसी समाज तीन ‘एस्टेट्स’ (Estates) की सामंती व्यवस्था में विभाजित था:
18वीं शताब्दी में एक नए सामाजिक समूह का उदय हुआ जिसे ‘मध्य वर्ग’ कहा गया। इन्होंने समुद्री व्यापार और रेशमी व ऊनी कपड़ों के निर्माण के माध्यम से अपनी संपत्ति अर्जित की थी।
चर्च को दिया जाने वाला कर और राज्य को दिया जाने वाला प्रत्यक्ष कर।
दो खंभों और एक ब्लेड वाली मशीन जिसका उपयोग लोगों का सिर काटने के लिए किया जाता था।
रोबेस्पयेर के नेतृत्व में समाज के कम समृद्ध वर्गों का एक राजनीतिक क्लब।
भारत की एकल एकीकृत न्यायिक प्रणाली में, उच्च न्यायालय (High Court – HC) उच्चतम न्यायालय के नीचे कार्य करता है लेकिन यह राज्य के स्तर पर सर्वोच्च न्यायिक प्राधिकरण है। आपके “IAS PCS मिशन 2026” के लिए यह नोट करना महत्वपूर्ण है कि यद्यपि उच्चतम न्यायालय (SC) और उच्च न्यायालय (HC) कई शक्तियाँ साझा करते हैं, लेकिन उनके क्षेत्राधिकार में महत्वपूर्ण अंतर है, विशेष रूप से ‘रिट’ (Writs) के मामले में।
अनुच्छेद 214 के अनुसार, प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होगा। हालाँकि, 7वें संविधान संशोधन अधिनियम (1956) ने संसद को यह अधिकार दिया कि वह दो या दो से अधिक राज्यों के लिए, अथवा दो या अधिक राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के लिए एक साझा उच्च न्यायालय (Common High Court) स्थापित कर सके।
उच्च न्यायालय एक “अभिलेख न्यायालय” (Court of Record) है (अनुच्छेद 215) और इसके पास अपनी अवमानना (Contempt) के लिए दंड देने की शक्ति है।
उच्च न्यायालय के पास मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए और “किसी अन्य उद्देश्य” (सामान्य कानूनी अधिकारों) के लिए भी बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण और अधिकार-पृच्छा जैसी रिट जारी करने की शक्ति है।
प्रत्येक उच्च न्यायालय के पास उन सभी न्यायालयों और अधिकरणों (Tribunals) के अधीक्षण (Superintendence) की शक्ति होती है, जो उसके क्षेत्रीय क्षेत्राधिकार के भीतर आते हैं (सैन्य अदालतों को छोड़कर)।
जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पदस्थापना और पदोन्नति के संबंध में राज्यपाल उच्च न्यायालय से परामर्श करता है। इसके अतिरिक्त, राज्य की न्यायिक सेवा के अन्य व्यक्तियों पर भी उच्च न्यायालय का नियंत्रण होता है।
| अनुच्छेद | प्रावधान |
| 215 | उच्च न्यायालय का अभिलेख न्यायालय (Court of Record) होना। |
| 226 | रिट जारी करने की शक्ति (अनुच्छेद 32 से व्यापक)। |
| 227 | सभी अधीनस्थ न्यायालयों पर अधीक्षण की शक्ति। |
| 231 | दो या अधिक राज्यों के लिए एक साझा उच्च न्यायालय की स्थापना की संसद की शक्ति। |
| विशेषता | उच्चतम न्यायालय (SC) | उच्च न्यायालय (HC) |
| सेवानिवृत्ति की आयु | 65 वर्ष | 62 वर्ष |
| रिट अनुच्छेद | अनुच्छेद 32 (संकीर्ण दायरा) | अनुच्छेद 226 (व्यापक दायरा) |
| नियुक्ति | राष्ट्रपति द्वारा | राष्ट्रपति द्वारा |
| प्रसिद्ध न्यायविद | नियुक्त किया जा सकता है | नियुक्त नहीं किया जा सकता |
| निष्कासन | संसद की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा | संसद की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा |
💡 परीक्षा के लिए टिप:
यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति और निष्कासन राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है, लेकिन उन्हें पद की शपथ संबंधित राज्य के राज्यपाल दिलाते हैं। अक्सर छात्र यहाँ भ्रमित हो जाते हैं।
अनु. 215 के तहत, उच्च न्यायालय के निर्णयों को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा जाता है और इसके पास अवमानना के लिए दंड देने की शक्ति है।
अनु. 231 के तहत, संसद दो या अधिक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक ही HC स्थापित कर सकती है (जैसे बॉम्बे या गुवाहाटी HC)।
SC न्यायाधीशों के समान: कदाचार या अक्षमता के लिए संसद में विशेष बहुमत के बाद राष्ट्रपति का आदेश।
यहाँ ‘द हिंदू‘ (The Hindu) संपादकीय का विस्तृत विश्लेषण (10 फ़रवरी, 2026) हिंदी में दिया गया है, जिसे UPSC पाठ्यक्रम के अनुसार वर्गीकृत किया गया है:
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 (भारत से जुड़े द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और समझौते; अंतर्राष्ट्रीय संबंध)।
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 (शासन के महत्वपूर्ण पहलू; न्यायपालिका; मौलिक अधिकार)।
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी; प्रौद्योगिकी का प्रभाव) और सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 1 (सामाजिक मुद्दे)।
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 (भारत से जुड़े द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह) और सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 (अर्थव्यवस्था)।
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 (भारतीय अर्थव्यवस्था; रोजगार से संबंधित मुद्दे; सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम – MSME)।
“स्वयं सामाजिकता” को एक वस्तु के रूप में निकाला जा रहा है। अत्यधिक प्रोफाइलिंग ‘कहानी अर्थव्यवस्था’ (story economy) में आत्मीयता और विश्वास को अप्रचलित बना रही है।
भारत ने अध्यक्षता संभाली। ब्लॉकचेन प्रमाणपत्रों पर जोर और ‘संघर्ष’ की परिभाषा को व्यापक बनाकर इसमें राज्य-संबद्ध दुरुपयोगों को शामिल करने का प्रयास।
इरोड के डेयरी संयंत्रों से सबक; ऋण की बाधाएं और नियामक जटिलता महत्वपूर्ण MSME रोजगार इंजन को पीछे धकेल रही हैं।
यहाँ महत्वपूर्ण वैश्विक रेखाओं—भूमध्य रेखा (Equator), कर्क और मकर रेखाएँ (Tropics), और प्रधान मध्याह्न रेखा (Prime Meridian) पर केंद्रित विस्तृत मानचित्र अभ्यास (Mapping Practice) विवरण दिया गया है:
भूमध्य रेखा (विषुवत रेखा) तीन महाद्वीपों के 13 देशों से होकर गुजरती है। यह एकमात्र अक्षांश है जो एक ‘वृहद वृत्त’ (Great Circle) है।
यह रेखा उस सबसे उत्तरी बिंदु को चिह्नित करती है जहाँ सूर्य दोपहर में सीधे सिर के ऊपर (June Solstice – जून संक्रांति) होता है। यह 17 देशों से होकर गुजरती है।
यह रेखा उस सबसे दक्षिणी बिंदु को चिह्नित करती है जहाँ सूर्य सीधे सिर के ऊपर (December Solstice – दिसंबर संक्रांति) होता है। यह 10 देशों से होकर गुजरती है।
प्रधान मध्याह्न रेखा (ग्रीनविच रेखा) पृथ्वी को पूर्वी और पश्चिमी गोलार्ध में विभाजित करती है। यह 8 देशों से होकर गुजरती है।
🌍 मानचित्रण सारांश तालिका (Summary Table)
| महत्वपूर्ण रेखा | महाद्वीपों की संख्या | देशों की संख्या | मुख्य भौगोलिक केंद्र |
| भूमध्य रेखा | 3 | 13 | उष्णकटिबंधीय वर्षावन (अमेज़न, कांगो, इंडोनेशिया)। |
| कर्क रेखा | 3 | 17 | मरुस्थल (सहारा, थार) और मानसूनी पेटियाँ (भारत)। |
| मकर रेखा | 3 | 10 | अटाकामा मरुस्थल, ऑस्ट्रेलियाई आउटबैक। |
| प्रधान मध्याह्न रेखा | 2 | 8 | ग्रीनविच (UK) और गिनी की खाड़ी। |
💡 मैपिंग टिप:
UPSC की परीक्षाओं में अक्सर यह पूछा जाता है कि कौन सा देश किस रेखा पर स्थित है। इसे याद करने के लिए महाद्वीप-वार समूहों का उपयोग करें। उदाहरण के लिए, अफ्रीका एकमात्र ऐसा महाद्वीप है जहाँ से भूमध्य रेखा, कर्क रेखा और मकर रेखा तीनों गुजरती हैं। मानचित्र पर इन रेखाओं के प्रतिच्छेदन बिंदुओं को भी ध्यान से देखें।
मैक्सिको, मिस्र और भारत सहित 17 देशों को पार करती है। भारतीय संदर्भ में, यह 8 राज्यों से होकर गुजरती है: पश्चिम में गुजरात से लेकर पूर्व में मिजोरम तक।
दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के 10 देशों से होकर गुजरती है। ब्राजील विशिष्ट रूप से एकमात्र ऐसा देश है जहाँ से भूमध्य रेखा और यह रेखा दोनों गुजरती हैं।
ये रेखाएँ वैश्विक जलवायु पेटियों को परिभाषित करती हैं, भूमध्य रेखा के उष्णकटिबंधीय वर्षावनों से लेकर उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के साथ स्थित शुष्क मरुस्थलों (सहारा/अटाकामा) तक।
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यह अध्याय “स्वतंत्रता के बाद भारत” एक नए स्वतंत्र राष्ट्र के सामने आने वाली विशाल चुनौतियों और एक आधुनिक, लोकतांत्रिक और एकीकृत भारत के निर्माण के लिए उठाए गए कदमों की जांच करता है।
जब अगस्त 1947 में भारत स्वतंत्र हुआ, तो उसे स्मारकीय चुनौतियों की एक श्रृंखला का सामना करना पड़ा जिसने इसकी स्थिरता को खतरे में डाल दिया था।
दिसंबर 1946 और नवंबर 1949 के बीच, राष्ट्र के राजनीतिक भविष्य को तैयार करने के लिए संविधान सभा के हिस्से के रूप में लगभग 300 भारतीयों ने सत्रों की एक श्रृंखला में मुलाकात की। संविधान को 26 जनवरी, 1950 को अपनाया गया था।
केंद्र सरकार और राज्यों के अधिकार को संतुलित करने के लिए, संविधान ने विषयों की तीन सूचियाँ बनाईं:
प्रारंभ में, प्रधानमंत्री नेहरू और उप-प्रधानमंत्री वल्लभभाई पटेल भाषाई आधार पर देश को और अधिक विभाजित करने के लिए अनिच्छुक थे, उन्हें डर था कि विभाजन के आघात के बाद इससे और अधिक संघर्ष होगा।
आधुनिक तकनीकी और औद्योगिक विकास के माध्यम से भारत को गरीबी से बाहर निकालना एक प्राथमिक लक्ष्य था।
15 अगस्त, 2007 को भारत ने स्वतंत्रता के 60 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया।
वन और कृषि जैसे विषय जहाँ केंद्र और राज्य दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी होती है।
विकास का वह मॉडल जहाँ राज्य और निजी क्षेत्र दोनों पूरक भूमिकाएँ निभाते हैं।
निचली जातियों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द, जिनके लिए विधायिकाओं में सीटें आरक्षित की गई थीं।
भारत में न्यायपालिका एक एकल और एकीकृत (Integrated) प्रणाली है, जिसके शीर्ष पर उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) स्थित है। संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) की संघीय प्रणाली के विपरीत, जहाँ संघ और राज्यों के लिए कानूनों के अलग-अलग सेट होते हैं, भारतीय उच्चतम न्यायालय केंद्रीय और राज्य दोनों कानूनों को लागू करता है।
उच्चतम न्यायालय का उद्घाटन 28 जनवरी, 1950 को हुआ था। इसने ‘भारत सरकार अधिनियम, 1935’ के तहत स्थापित ‘भारत के संघीय न्यायालय’ (Federal Court of India) का स्थान लिया।
भारतीय उच्चतम न्यायालय के पास दुनिया के किसी भी अन्य न्यायालय की तुलना में सबसे व्यापक क्षेत्राधिकार हैं।
उच्चतम न्यायालय निम्नलिखित विवादों में एक मध्यस्थ के रूप में कार्य करता है:
उच्चतम न्यायालय मौलिक अधिकारों का ‘गारंटीकर्ता और रक्षक’ है। यह मौलिक अधिकारों को लागू करने के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus), परमादेश (Mandamus), प्रतिषेध (Prohibition), उत्प्रेषण (Certiorari), और अधिकार-पृच्छा (Quo-Warranto) जैसी रिट जारी कर सकता है।
उच्चतम न्यायालय अपील का सर्वोच्च न्यायालय है। यह उच्च न्यायालय के निर्णयों के खिलाफ अपील सुनता है:
राष्ट्रपति निम्नलिखित विषयों पर उच्चतम न्यायालय की राय मांग सकता है:
सारांश तालिका (Summary Table)
| अनुच्छेद | मुख्य शक्ति / प्रावधान | मुख्य विवरण |
| 124 | स्थापना एवं गठन | न्यायाधीशों की नियुक्ति और योग्यताएं। |
| 129 | अभिलेख न्यायालय | अवमानना के लिए दंड देने की शक्ति। |
| 131 | मूल क्षेत्राधिकार | संघीय विवाद (केंद्र बनाम राज्य)। |
| 136 | विशेष अनुमति याचिका (SLP) | किसी भी अपील को सुनने की विवेकाधीन शक्ति। |
| 141 | देश का कानून | उच्चतम न्यायालय के निर्णय सभी अदालतों पर बाध्यकारी हैं। |
| 143 | परामर्शदात्री शक्ति | राष्ट्रपति द्वारा उच्चतम न्यायालय से राय मांगना। |
💡 परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:
उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को पद की शपथ राष्ट्रपति दिलाते हैं। इसके अलावा, भारत में अब तक किसी भी न्यायाधीश को महाभियोग द्वारा हटाया नहीं गया है, हालांकि कुछ न्यायाधीशों के खिलाफ कार्यवाही शुरू की गई थी।
अनु. 32 के तहत, SC मौलिक अधिकारों का संरक्षक है (बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, आदि)।
अनु. 129 के तहत, निर्णयों को साक्ष्य के रूप में रिकॉर्ड किया जाता है; इसमें अवमानना के लिए दंड देने की शक्ति शामिल है।
भारत में किसी भी न्यायालय या न्यायाधिकरण के किसी भी निर्णय के विरुद्ध अपील सुनने की विवेकाधीन शक्ति।
यहाँ ‘द हिंदू‘ (The Hindu) संपादकीय का विस्तृत विश्लेषण (9 फ़रवरी, 2026) हिंदी में दिया गया है, जिसे UPSC पाठ्यक्रम के अनुसार वर्गीकृत किया गया है:
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 (संसद और राज्य विधायिका—संरचना, कार्यप्रणाली, कार्य संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार और इनसे उत्पन्न होने वाले मुद्दे)।
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 (सरकारी नीतियां और हस्तक्षेप; उनके डिजाइन और कार्यान्वयन से उत्पन्न मुद्दे) और सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 1 (सामाजिक मुद्दे)।
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 (शासन के महत्वपूर्ण पहलू, पारदर्शिता और जवाबदेही) और सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 3 (आंतरिक सुरक्षा; संचार नेटवर्क के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को चुनौतियां)।
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 (भारत और उसके पड़ोसी देश—संबंध; विकसित और विकासशील देशों की नीतियों का भारत के हितों पर प्रभाव)।
पाठ्यक्रम: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 2 (शासन) और सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र 1 (सामाजिक सशक्तिकरण)।
‘सुरक्षा आधार’ पर प्रधानमंत्री के जवाब के बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव अपनाया गया। पारंपरिक उत्तर को छोड़ना कार्यकारी जवाबदेही के मूल क्षरण के रूप में देखा जाता है।
गाजियाबाद त्रासदी के बाद नाबालिगों के लिए प्रतिबंध की मांग बढ़ी है। तकनीकी खामियां और लैंगिक असमानता (केवल 33% महिला इंटरनेट उपयोगकर्ता) दर्शाती है कि प्रतिबंध उल्टा असर कर सकते हैं।
46 लाख जाति नामों को छांटने के लिए मातृभाषा का उपयोग। भाषाई मॉडलिंग आगामी 2027 की जनगणना की तकनीकी चुनौतियों का समाधान कर सकती है।
यहाँ अविभाजित सीमाओं, रामसर स्थल संरक्षण के मील के पत्थर, और रणनीतिक विज्ञान बुनियादी ढांचे पर केंद्रित मानचित्र अभ्यास (Mapping Practice) विवरण हिंदी में दिया गया है:
इस सप्ताह का एक प्रमुख आकर्षण भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते में निहित “मानचित्र संदेश” है।
फरवरी 2026 की शुरुआत तक, भारत ने 98 रामसर स्थलों का ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल कर लिया है, जो एशिया में इसकी अग्रणी स्थिति को बनाए रखता है।
| नया रामसर स्थल | जिला / राज्य | मुख्य जैव विविधता |
| पटना पक्षी अभयारण्य | एटा, उत्तर प्रदेश | 178 से अधिक प्रवासी पक्षी प्रजातियों के लिए एक महत्वपूर्ण विश्राम स्थल; यह विशेष रूप से सारस क्रेन के लिए जाना जाता है। |
| छारी-ढंढ (Chhari-Dhand) आर्द्रभूमि | कच्छ, गुजरात | बन्नी घास के मैदानों में स्थित एक मौसमी मरुस्थलीय आर्द्रभूमि; यह ‘कैराकल’ (Caracal), मरुस्थलीय लोमड़ी और धूसर भेड़िये (Grey Wolf) का घर है। |
राज्यों की रैंकिंग: तमिलनाडु 20 स्थलों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पर बना हुआ है, उसके बाद उत्तर प्रदेश 11 स्थलों के साथ दूसरे स्थान पर है।
लद्दाख का उच्च-ऊंचाई वाला पठार अंतरिक्ष और सौर अनुसंधान के लिए एक वैश्विक केंद्र (Hub) बन रहा है।
16वें वित्त आयोग (2026–31) ने आधिकारिक तौर पर दो नई आपदा श्रेणियों के मानचित्रण और वित्तपोषण की सिफारिश की है।
🌍 मानचित्रण सारांश चेकलिस्ट (Summary Checklist)
| श्रेणी | मानचित्रण मुख्य बिंदु | मुख्य स्थान |
| क्षेत्रीय मानचित्र | अविभाजित J&K और लद्दाख | USTR अंतरिम व्यापार मानचित्र |
| रामसर स्थल अग्रणी | तमिलनाडु (20 स्थल) | दक्षिण भारत |
| अंतरिक्ष केंद्र | पैंगोंग झील | लद्दाख (NLST साइट) |
| नया आपदा मानचित्र | बिजली और लू | मध्य और उत्तर-पश्चिमी भारत |
💡 मैपिंग टिप:
मानचित्र पर “बिजली गलियारे” को चिह्नित करते समय ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि यहाँ बिजली गिरने की घटनाएं सर्वाधिक होती हैं। इसी प्रकार, लू के लिए राजस्थान और हरियाणा के साथ-साथ तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के आंतरिक हिस्सों को भी देखें।
98 स्थलों के साथ भारत एशिया में अग्रणी है। प्रमुख अपडेट में पटना पक्षी अभयारण्य (UP) और बन्नी घास के मैदानों में स्थित मरुस्थलीय आर्द्रभूमि छारी-ढांढ (GJ) शामिल हैं।
नेशनल लार्ज सोलर टेलिस्कोप (NLST) को पेंगोंग झील, लद्दाख में स्थापित किया गया है, जिसे इसके अत्यंत स्वच्छ उच्च-ऊंचाई वाले वातावरण के लिए चुना गया है।
फरवरी 2026 की शुरुआत सौर डेटा विश्लेषण के पहले वैज्ञानिक चक्र को चिह्नित करती है, जो लद्दाख को भारत के प्राथमिक उच्च-ऊंचाई वाले अंतरिक्ष हब के रूप में मजबूत करती है।